माँ ने मुस्कुराते हुए कहा, "बेटी, मुझे बहुत खुशी होती है जब मैं देखती हूँ कि तुम अपना जीवन अपने तरीके से जी रही हो। मुझे यह जानकर बहुत संतुष्टि होती है कि तुम सही और गलत की पहचान कर सकती हो और अपने लिए सही निर्णय ले सकती हो।"
नीना ने अपना घूंघट हटाते हुए कहा, "एक समय था जब मैं भी एक बड़ी आर्किटेक्ट बनना चाहती थी। मैंने कॉलेज में दाखिला लेने के लिए फ़ॉर्म भरे थे। लेकिन तुम्हारे दादा-दादी ने कहा 'लड़की की शादी कर दो' और तुम्हारे पिताजी की एक 'शांत' गृहिणी चाहिए थी। मैंने अपने परिवार के लिए अपना सपना छोड़ दिया। बिना किसी शिकायत के। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि मुझमें सपने नहीं थे, सोनल। मैंने तो तुम्हें वो करते देखने का सपना देखा जो मैं नहीं कर सकी। तुम मेरा आईना हो।" mom with daughter story antarvasna hindi extra quality
एक छोटे से गाँव में, एक माँ और बेटी की जोड़ी रहती थी जो अपनी मेहनत और ईमानदारी के लिए जानी जाती थी। माँ का नाम कमला था, और बेटी का नाम रिया। वे दोनों एक दूसरे के साथ बहुत प्यार और स्नेह से रहते थे। उसकी बातें सुननी चाहिए
रिया ने श्वेता को बताया कि जब वह छोटी थी, तो उसकी माँ ने उसे एक बहुत बड़ा सबक सिखाया था। उसकी माँ ने उसे बताया था कि जीवन में सबसे महत्वपूर्ण बात यह नहीं है कि आप कितने पैसे कमाते हैं या कितना बड़ा घर है, बल्कि यह है कि आप अपने रिश्तों में कितना प्यार और सम्मान देते हैं। mom with daughter story antarvasna hindi extra quality
आज की इस भाग-दौड़ भरी जिंदगी में, माँ और बेटी के बीच का रिश्ता और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। एक माँ को अपनी बेटी के साथ समय बिताना चाहिए, उसकी बातें सुननी चाहिए, और उसके सवालों का जवाब देना चाहिए।